
विष्णुगाड़-पीपलकोटी: 4 दशक की जद्दोजहद
चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना उत्तराखंड की महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं में शामिल है। करीब चार दशक से यह परियोजना अलग-अलग चुनौतियों के कारण सुर्खियों में रही है। कभी सुरंग निर्माण में तकनीकी अड़चन आई तो कभी पहाड़ों के भूस्खलन ने काम की रफ्तार थामी।
परियोजना के निर्माण के दौरान पहाड़ी भूगोल, कठिन चट्टानों, पानी के रिसाव और सुरंग निर्माण जैसी चुनौतियां लगातार सामने आती रहीं। इन बाधाओं के बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहा।
हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर इस परियोजना की मुश्किलों को सामने ला दिया है। 13 अगस्त 2026 को निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा आने से मजदूर फंस गए। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 22 मजदूर प्रभावित हुए, जिनमें 7 की मौत हुई, 14 घायल हैं और एक मजदूर की तलाश जारी है।
विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उत्तराखंड की जलविद्युत क्षमता को बढ़ाने और बिजली उत्पादन में योगदान मिलने की उम्मीद है। लेकिन पहाड़ों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के सामने भूगर्भीय परिस्थितियां और सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौतियों में बनी हुई




