
सायरन बजा… बचने के लिए सिर्फ 30 मिनट!
त्रिशूली में ऐसा आया सैलाब कि देखते ही देखते मिट्टी-मलबे में दब गया पूरा इलाका
नेपाल | त्रिशूली
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने त्रिशूली इलाके में भारी तबाही मचा दी। अचानक बढ़े जलस्तर ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। रिपोर्टों के अनुसार, त्रिशूली नदी का जलस्तर महज 30 मिनट में करीब 30 फीट तक बढ़ गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने सीटी, शोर और चेतावनियों के जरिए आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा।
बाढ़ का पानी अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, मिट्टी और पत्थर लेकर आया। देखते ही देखते सड़कें, मकान और आसपास का इलाका मलबे में तब्दील हो गया। त्रिशूली घाटी के कई हिस्सों में तबाही का मंजर ऐसा था कि जहां कुछ समय पहले लोगों की जिंदगी सामान्य थी, वहां अब सिर्फ मलबा दिखाई दे रहा है।
इस आपदा के पीछे हिमालयी क्षेत्र में हुए ग्लेशियर/बर्फ और चट्टानों के ढहने से आई अचानक बाढ़ को प्रमुख कारण बताया गया है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण कई जगह पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है।
त्रिशूली की यह त्रासदी बताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के दौरान हर मिनट जिंदगी बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
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