
नेपाल में हाइड्रोपावर सुरंगों में जिंदगी की जंग, 900 से ज्यादा कर्मचारी लापता
6 इंच के पाइप से सुरंग में पहुंचाई जा रही हवा, सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी;
काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और मलबे के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगें अब जिंदगी और मौत के बीच जंग का मैदान बन गई हैं। त्रिशूली कॉरिडोर में कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों और भूमिगत पावरहाउस में बड़ी संख्या में कर्मचारी फंसे होने की आशंका है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 933-934 लोग अभी भी लापता या संपर्क से बाहर हैं।
6 इंच के पाइप से पहुंचाई जा रही हवा
सबसे बड़ी चिंता उन कर्मचारियों को लेकर है जो मलबे से बंद हो चुकी सुरंगों के अंदर फंसे हो सकते हैं। कई जगह सुरंगों के प्रवेश द्वार पूरी तरह मिट्टी, पत्थरों और मलबे से बंद हो गए हैं। रेस्क्यू टीमें ड्रिलिंग मशीनों और भारी उपकरणों की मदद से रास्ता खोलने की कोशिश कर रही हैं।
कुछ सुरंगों में फंसे लोगों तक पाइप के जरिए हवा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सेना ने एक सुरंग तक पाइप पहुंचाकर अंदर हवा भेजने और कैमरा डालकर स्थिति का पता लगाने की कोशिश शुरू की है। इससे अंदर मौजूद लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बढ़ी है।
सेना ने सैकड़ों लोगों को बचाया
नेपाल सेना के जवान बेहद मुश्किल परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। Upper Trishuli-1 और अन्य हाइड्रोपावर साइट्स से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि कई जगह सड़कें और पुल बह जाने के कारण रेस्क्यू टीमों के लिए घटनास्थल तक पहुंचना बेहद मुश्किल है।
Upper Trishuli-3A समेत कई परियोजनाओं के भूमिगत हिस्सों तक पहुंचने के लिए मलबा हटाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ स्थानों पर सुरंग के अंदर 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है।
750 से ज्यादा मौतें, हजारों लोग लापता
नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में 734 मौतें दर्ज की गई हैं और हजारों लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल और तिब्बत को मिलाकर मृतकों की संख्या 750 से ज्यादा हो चुकी है।
यह आपदा हाइड्रोपावर सेक्टर के लिए भी भारी नुकसान लेकर आई है। त्रिशूली कॉरिडोर में कई बिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं और सैकड़ों मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
भारत की टीम भी रेस्क्यू में मदद के लिए पहुंची
नेपाल की मदद के लिए भारत की एक विशेष तकनीकी टीम ने बाढ़ प्रभावित हाइड्रोपावर सुरंगों का जायजा लिया है। टीम ने घटनास्थल की स्थिति का आकलन किया है, ताकि सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए तकनीकी मदद दी जा सके।




