
हरिद्वार: जिले में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर एजेंसियों के खिलाफ एक व्यापक और कठोर कार्रवाई की गई है, जिसने पूरे ट्रेवल उद्योग में हलचल मचा दी है. इस अभियान के तहत, अब तक 20 एजेंसी संचालकों का न केवल चालान किया गया है, बल्कि उनकी एजेंसियों को भी सील कर दिया गया है. यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. अब परिवहन विभाग की ओर से इन सभी चालानों को संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ इन संचालकों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस अप्रत्याशित और सख्त कार्रवाई से जिले के सभी ट्रेवल एजेंटों में हड़कंप मच गया है और वे भविष्य में ऐसी ही किसी और कार्रवाई की आशंका से चिंतित हैं.
हरिद्वार में अवैध टूर ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ ऐतिहासिक कार्रवाई: सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, निखिल शर्मा ने इस विशेष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और संभागीय परिवहन अधिकारी, देहरादून, संदीप सैनी के कड़े निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को अंजाम दी गई. उन्होंने बताया कि हरिद्वार शहर के व्यस्ततम शिवमूर्ति गली क्षेत्र में, जहाँ टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों का बड़ा जमावड़ा रहता है, वहाँ बिना किसी वैध लाइसेंस के सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का संचालन कर रहे टूर एवं ट्रेवल ऑपरेटरों के विरुद्ध यह विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी अवैध संचालकों पर नकेल कसना था जो नियमों को ताक पर रखकर अपना कारोबार चला रहे थे और सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे थे. यह कार्रवाई शहर में एक स्वच्छ और नियम-आधारित परिवहन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
बिना लाइसेंस के बेधड़क कारोबार कर रहे थे ट्रेवल एजेंट: सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), नेहा झा के कुशल नेतृत्व में संचालित इस व्यापक अभियान के दौरान, परिवहन विभाग की एक विशेष टीम ने विभिन्न ट्रेवल एजेंसियों और बुकिंग कार्यालयों का गहन निरीक्षण किया. इस निरीक्षण के दौरान, टीम ने पाया कि कई एजेंसियां और उनके संचालक बिना किसी वैध लाइसेंस या आवश्यक अनुमति के ही सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का संचालन कर रहे थे. यह न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे थे. टीम ने मौके पर ही इन अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए संचालकों के खिलाफ चालान काटने और उनकी एजेंसियों को सील करने की कार्रवाई की. इस अभियान से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा और भविष्य में भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी ताकि जिले में एक पारदर्शी और वैध परिवहन प्रणाली सुनिश्चित की जा सके. इस कार्रवाई ने उन सभी ट्रेवल एजेंटों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है जो अभी तक नियमों की अनदेखी कर रहे थे, और अब उन्हें अपने कारोबार को वैध बनाने की दिशा में सोचना होगा.




