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उत्तराखंड में लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, स्पेयर पार्ट्स के महंगे होने, बीमा प्रीमियम में इजाफा और वाहनों के रखरखाव की बढ़ती लागत ने व्यावसायिक वाहन संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यही वजह है कि बस, टैक्सी, मैक्सी कैब और मालवाहक वाहन संचालकों ने एक बार फिर यात्री किराया और मालभाड़ा बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। इस बीच परिवहन मुख्यालय ने भी इस दिशा में पहल करते हुए किराया निर्धारण समिति को नई रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।




