
आज बहुत दिनों बाद खेत में हल चलाने का अवसर मिला। जैसे ही मिट्टी की सोंधी खुशबू हवा में घुली, मन को एक अलग ही सुकून का एहसास हुआ। खेतों की हरियाली, धरती से जुड़ाव और अपने हाथों से की गई मेहनत ने याद दिलाया कि हमारी असली पहचान अपनी जड़ों में ही बसती है। व्यस्त जीवन की भागदौड़ के बीच ऐसे पल मन को नई ऊर्जा, संतोष और आत्मिक शांति देते हैं। सच कहूँ तो आज का दिन दिल के बहुत करीब रहा।




